पंजाब के करीब छह लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अदालत ने राज्य सरकार की लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) को खारिज करते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि वह कर्मचारियों और पेंशनर्स का लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर एक महीने के भीतर जारी करे।
हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में सिंगल बेंच के पहले के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया भुगतान को रोक नहीं सकती और उन्हें उनका हक देना होगा।कोर्ट ने भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, यदि सरकार तय एक महीने की अवधि में एरियर का भुगतान नहीं करती है तो लंबित राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। साथ ही, पंजाब के मुख्य सचिव को भुगतान पूरा होने के बाद अदालत में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने सरकार को यह भी कहा है कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनर्स का पूरा बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक विज्ञापनों और गैर-जरूरी योजनाओं पर सरकारी धन खर्च करने से बचना होगा। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने इसे कर्मचारियों की जीत बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अन्य योजनाओं के लिए फंड उपलब्ध है तो कर्मचारियों के हक का भुगतान रोका क्यों गया।
वहीं, अकाली दल और वारिस पंजाब दे के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी फैसले का स्वागत करते हुए इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कही। आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ है और मुख्यमंत्री भगवंत मान जल्द समाधान निकालेंगे। इस फैसले से जहां पंजाब सरकार के खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है, वहीं लंबे समय से बकाया राशि का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी का माहौल है।


