पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव संसद परिसर में किए गए एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बाद नए विवाद में घिर गए हैं। दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता सूर्य मैथिल का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और भगवा वस्त्रों का जिस तरह इस्तेमाल किया गया, उससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस मामले में संबंधित सांसदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
30 जुलाई को संसद परिसर में विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस प्रदर्शन में पप्पू यादव साधु के वेश में दिखाई दिए और प्रतीकात्मक रूप से दान-पात्र तथा भगवान राम की तस्वीर के साथ बैठे। नाटक के दौरान विपक्षी सांसदों ने दान-पात्र में पैसे डालने का अभिनय किया, जबकि पप्पू यादव ने सांकेतिक रूप से वह राशि अपनी जेब में रखकर कथित वित्तीय गड़बड़ियों पर सवाल उठाने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी धर्म का अपमान करना नहीं, बल्कि राम मंदिर से जुड़े दान और उसके प्रबंधन पर उठे आरोपों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है। मामले को लेकर अब राजनीतिक बहस और कानूनी प्रक्रिया दोनों तेज होती नजर आ रही हैं।


