पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि यदि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं और कार्रवाई जारी रही, तो वह दोबारा देशभर में आंदोलन शुरू करेगा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब उस वादे से पीछे हटती नजर आ रही है। उनके अनुसार, सरकार सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी एफआईआर वापस लेने पर रोक का उल्लेख नहीं है। उनका दावा है कि अदालत की टिप्पणियों की गलत व्याख्या कर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
CJP का आरोप है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा सहित कई राज्यों में आंदोलन में शामिल छात्रों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने मांग दोहराई कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा दी जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त किया जाए।
पार्टी ने याद दिलाया कि सरकार के आश्वासन के बाद ही उसका 37 दिनों तक चला आंदोलन समाप्त हुआ था। अब यदि वादों को लागू नहीं किया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन की नई रणनीति के साथ फिर सड़क पर उतरने की तैयारी करेगा।


