Madhya Pradesh National

भोपाल में किसानों का बड़ा जमावड़ा, एक सप्ताह का राशन और बिस्तर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी

मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 प्रतिशत मूंग खरीद की मांग को लेकर हजारों किसान भोपाल पहुंच चुके हैं। किसानों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन को राज्य सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेतृत्व में 19 किसान संगठनों के करीब दो हजार किसान राजधानी की ओर बढ़े। रास्ते में कई जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे। प्रदर्शनकारी अपने साथ अनाज, राशन, बिस्तर और जरूरी सामान लेकर आए हैं, जिससे साफ है कि वे लंबे आंदोलन की तैयारी के साथ पहुंचे हैं।

किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अरहर, उड़द और मसूर जैसी दालों की 100 प्रतिशत खरीद का फैसला किया है, लेकिन मूंग की खरीद अब भी प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत सीमित है। इस व्यवस्था में कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही खरीदा जाता है, जबकि बाकी उपज किसानों को बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। उनका कहना है कि वर्ष 2026-27 के लिए मूंग का MSP 8,768 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद उन्हें इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा।

यह पदयात्रा नर्मदापुरम के सेठानी घाट से शुरू होकर रायसेन और ओबेदुल्लागंज होते हुए भोपाल पहुंची। किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं प्रशासन का कहना है कि पुलिस की तैनाती केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है और किसानों से लगातार बातचीत जारी है।

किसानों की मांग केवल मूंग खरीद तक सीमित नहीं है। वे खाद की उपलब्धता, खरीद प्रक्रिया में सुधार और पंजीकरण संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है, क्योंकि यह आंदोलन कृषि नीतियों और किसानों की आय से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।