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कारगिल के वीरों का साहस देश की प्रेरणा, आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र से बढ़ा भारत का गौरव: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की याद दिलाने वाला दिन है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ ने देशभर में वीर जवानों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ों, प्रतिकूल मौसम और दुश्मन की चुनौतियों के बावजूद अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उनका अटूट संकल्प और मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सभी शहीदों और वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि देश उनके त्याग को हमेशा याद रखेगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण अभियान ‘कैच द रेन’ का भी उल्लेख किया और कहा कि इस पहल में गांवों और शहरों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई है। उन्होंने इसे जल संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी का सफल उदाहरण बताया। रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की बड़ी उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा लंबी दूरी की पिनाका गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसके लिए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि भारत रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत न केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि रक्षा उपकरणों के निर्यात और मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को भी लगातार मजबूत कर रहा है। हाल ही में इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल को लेकर हुई महत्वपूर्ण रक्षा साझेदारी इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारतीय रक्षा तकनीक पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।