अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश करेगी। अदालत के निर्देश पर जांच एजेंसी अब तक की जांच और उसके निष्कर्षों की जानकारी शीर्ष अदालत को सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और दान प्रबंधन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का रास्ता खुल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अतिरिक्त समय भी मांगा है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच अभी जारी है और विस्तृत निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था और शुरुआत में उसे 15 दिनों का समय दिया गया था। बाद में 1 जुलाई को जांच अवधि को 15 दिन और बढ़ा दिया गया।
बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में दान संग्रह, नकदी के रखरखाव, गिनती और लेखा-जोखा से जुड़ी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए कई अहम सुझाव शामिल हो सकते हैं। 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी इस रिपोर्ट पर चर्चा होने की संभावना है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार SIT की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


