मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को बड़ी गति मिलने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 5 जुलाई को मुंबई के विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) तक भूमिगत सुरंग की खुदाई का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना में पहली बार अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा। कुल 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग में से करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे और लगभग 65 मीटर की गहराई में बनाया जाएगा, जो भारतीय इंजीनियरिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस सुरंग का निर्माण दो अत्याधुनिक TBM मशीनों की मदद से किया जाएगा, जो हर महीने लगभग 300 मीटर तक खुदाई करने में सक्षम हैं। परियोजना का उद्देश्य बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) को शिलफाटा से जोड़ना है, जबकि सुरंग का शेष हिस्सा पहले ही ड्रिल-एंड-ब्लास्ट तकनीक से तैयार किया जा चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को नई दिशा मिलेगी।


