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दिल्ली से चंडीगढ़ की यात्रा मात्र 2 घंटे में! नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से उत्तर भारत की बदलेगी रफ्तार

दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर भारत में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाने की संभावना है। वर्तमान में यह दूरी तय करने में करीब पांच से छह घंटे लगते हैं, लेकिन नई सड़क परियोजनाओं के शुरू होने से सफर पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।

इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे है, जिसे भारत की सबसे बड़ी सड़क अवसंरचना परियोजनाओं में गिना जा रहा है। लगभग 38,905 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसके माध्यम से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा।

नई यात्रा व्यवस्था के तहत वाहन पहले द्वारका एक्सप्रेसवे, फिर अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER-II), उसके बाद कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे और दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से होकर ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे के जरिए अंबाला पहुंचेंगे। वहां से चंडीगढ़ तक बिना किसी बड़े ट्रैफिक अवरोध के आसानी से सफर किया जा सकेगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मौजूदा यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

इस परियोजना का लाभ केवल दिल्ली और चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से अमृतसर की यात्रा लगभग चार घंटे और कटरा की दूरी करीब छह घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ उत्तर भारत की कनेक्टिविटी भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अधिकांश हिस्से 2026 के अंत से लेकर मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जा सकते हैं।