पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ कोलकाता में हेट स्पीच और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला कोलकाता के हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 9 मार्च को एस्प्लेनेड इलाके में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ी है। आरोप है कि इस भाषण में ममता बनर्जी ने कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने भड़काऊ और समाज में तनाव पैदा करने वाली बताया है। एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम तुषार कांति दास है, जिन्होंने 7 जून 2026 को यह शिकायत दर्ज कराई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(1), 352 और 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में आपराधिक धमकी, अपमान और शांति भंग करने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इससे पहले भी ममता बनर्जी के खिलाफ सिलिगुड़ी में इसी तरह का एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनके बयान से एक विशेष समुदाय के बीच असुरक्षा और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं पार्टी पहले से ही आंतरिक असंतुलन और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।









