हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को नर्सिंग कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेशभर में नर्सिंग स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में यमुनानगर सिविल अस्पताल में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने दो घंटे की पेन-डाउन हड़ताल कर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अस्पताल की अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे ओपीडी और वार्डों में पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके सम्मान और कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कर्मचारियों के अनुसार, हाल ही में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी सिविल अस्पताल में हुई एक घटना ने पूरे प्रदेश के नर्सिंग स्टाफ को आहत किया है। 7 जून को एक नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच के लिए पहुंचीं हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया द्वारा ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक रूप से इस तरह की टिप्पणी और व्यवहार से पूरे नर्सिंग समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंची है। उनका कहना है कि किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार नहीं करना चाहिए। नर्सिंग स्टाफ ने रेणु भाटिया से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है और कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं, जिस दुष्कर्म मामले की जांच को लेकर यह विवाद शुरू हुआ, उसमें पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अस्पताल में कंसल्टेंट फिजिशियन के पद पर कार्यरत था और मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवाएं भी समाप्त कर दी हैं। इसके बावजूद नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि पूरे मामले में उनकी भूमिका न होने के बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया, जिसे वे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।









