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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी विवादों में, विदेशी फंडिंग के आरोपों के बीच शिकायत दर्ज

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को आयोजित बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद युवाओं के नेतृत्व वाले व्यंग्यात्मक संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) एक नए विवाद में घिर गई है। संगठन और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों तथा विदेशी फंडिंग से संचालन के आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत उस समय सामने आई जब दिपके अमेरिका से लौटने के बाद नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा पेशेवर और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग उठाई। कार्यक्रम को दिल्ली पुलिस की अनुमति मिलने के बाद आयोजित किया गया था। आंदोलन में प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि यदि संबंधित मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने तथा पुलिसकर्मियों का फूल देकर स्वागत करने का भी आह्वान किया। दूसरी ओर, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली की सीमाओं और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। एहतियातन नई दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया। वहीं सीजेपी ने भी प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए उन्हें अहिंसक रहने, कानून का पालन करने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की सलाह दी।