World

भारत-चीन सीमा विवाद पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- बाहरी दखल उचित नहीं

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। उन्होंने भारत को एक मजबूत लोकतंत्र और तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति बताते हुए कहा कि देश हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। पुतिन ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है। अपने संबोधन में पुतिन ने अमेरिका पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि अमेरिका विभिन्न मुद्दों पर, जिनमें रूस के साथ सहयोग भी शामिल है, भारत पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों के आधार पर ऐसे दबावों का सामना करने में सक्षम है।

भारत और चीन के संबंधों पर बोलते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहद संवेदनशील और बहुआयामी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस का इन मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। पुतिन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद समेत अन्य मुद्दों को शांतिपूर्ण संवाद के जरिए सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

पाकिस्तान और चीन के रिश्तों पर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान को पूरी तरह चीन के प्रभाव में बताना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बड़ा और स्वतंत्र देश है, जिसके कई देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर संबंध हैं। हालांकि, चीन के साथ उसका सहयोग महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे केवल एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इस बीच, पुतिन ने यह भी पुष्टि की कि वह सितंबर में भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। भारत इस वर्ष सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जहां वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होगी।