भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर यथावत बनाए रखा है। नए वित्त वर्ष की दूसरी मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसकी जानकारी 5 जून को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी। इस निर्णय के बाद आम लोगों को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि होम लोन और कार लोन की ईएमआई (EMI) में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी।
RBI ने केवल रेपो रेट ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख नीतिगत दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% पर बरकरार रखा गया है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट को 5.5% पर ही स्थिर रखा गया है। केंद्रीय बैंक का यह कदम मौद्रिक नीति में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में माना जा रहा है।
महंगाई के मोर्चे पर भी RBI ने अपने पूर्व अनुमान को बरकरार रखा है। अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई, हालांकि यह अभी भी केंद्रीय बैंक के मध्यम अवधि के 4% लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। इसके साथ ही देश की आर्थिक वृद्धि (GDP) के अनुमान में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था फिलहाल स्थिर स्थिति में है।
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में कोई संशोधन नहीं किया गया था। वहीं दिसंबर 2025 में RBI ने आखिरी बार दरों में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 5.25% पर लाया था। पिछले वित्त वर्ष में कुल मिलाकर रेपो रेट में 1.25% यानी 125 बेसिस पॉइंट की कमी दर्ज की गई थी। इस अवधि में फरवरी, अप्रैल, जून और दिसंबर में अलग-अलग चरणों में दरों में कटौती की गई थी, जिससे उधारी सस्ती हुई थी।









