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भारत-नेपाल सीमा पर तनाव के बीच चौकसी बढ़ी, बालेन शाह के खिलाफ प्रदर्शन तेज

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के कथित दावों को लेकर भारत-नेपाल सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्रालय ने संतुलित और स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए पहले से स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है, जिसके माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी।

इस बीच उत्तराखंड से सटी नेपाल सीमा के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। डडेलधुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में छात्र और युवा संगठनों ने कथित बयानों के खिलाफ नाराजगी जताई है। स्थिति को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त तेज कर दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

बलुवाकोट क्षेत्र में हाल ही में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की। अधिकारियों ने कहा है कि सीमा पार घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां सीमा अपेक्षाकृत खुली है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा का अधिकांश हिस्सा निर्धारित किया जा चुका है, जबकि कुछ क्षेत्रों में नदी के बहाव परिवर्तन और अतिक्रमण के कारण विवाद बने हुए हैं। इन मुद्दों को संयुक्त मानचित्रण और बातचीत के जरिए हल किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत अपने आंतरिक मामलों पर किसी बाहरी टिप्पणी या हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता।