दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के खिलाफ जनकपुरी रेप केस में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग रेप पीड़िता की पहचान सार्वजनिक कर दी, जो कानून के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जनकपुरी स्थित एक स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर सौरभ भारद्वाज लगातार सरकार और पुलिस पर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर पीड़िता से जुड़ी ऐसी जानकारी साझा कर दी, जिससे उसकी पहचान उजागर होने की आशंका बनी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला उस घटना से जुड़ा है जिसमें स्कूल परिसर के भीतर एक तीन साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई थी। सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया था कि बच्ची के माता-पिता एम्स में दोबारा मेडिकल जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इस पर सहमति नहीं दे रही है। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल, दिल्ली पुलिस सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।









