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FWICE ने रणवीर सिंह पर लगाया ‘नॉन-कोऑपरेशन’ का ऐलान, फरहान अख्तर विवाद से बढ़ा मामला

बॉलीवुड में सुपरस्टार Ranveer Singh और फिल्म इंडस्ट्री के टेक्नीशियनों के संगठन FWICE के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन’ का ऐलान कर दिया है, जिसे इंडस्ट्री में अस्थायी बैन के रूप में देखा जा रहा है।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब Farhan Akhtar और Excel Entertainment के साथ कथित तौर पर तीन फिल्मों की डील के तहत रणवीर सिंह ने एक प्रोजेक्ट से ऐन वक्त पर दूरी बना ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूटिंग शुरू होने से लगभग तीन हफ्ते पहले उनके पीछे हटने से प्रोडक्शन हाउस को भारी नुकसान हुआ, जिसकी लागत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

FWICE का कहना है कि उन्होंने इस मामले में रणवीर सिंह को तीन बार नोटिस भेजकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन कोई सीधा जवाब नहीं मिला। हालांकि, बाद में उनके मैनेजर की ओर से एक ईमेल भेजा गया, जिसे फेडरेशन ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। FWICE का स्पष्ट कहना है कि वे केवल अभिनेता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेंगे, किसी प्रतिनिधि से नहीं।

फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक रणवीर सिंह स्वयं सामने आकर इस विवाद पर चर्चा नहीं करते और समाधान नहीं निकलता, तब तक उनके किसी भी प्रोजेक्ट में FWICE से जुड़े तकनीशियन और कर्मचारी काम नहीं करेंगे।

हालांकि FWICE ने आधिकारिक बयान में ‘बैन’ शब्द का उपयोग नहीं किया है, लेकिन इंडस्ट्री में इसे पूर्ण असहयोग के रूप में देखा जा रहा है। संगठन का कहना है कि कोई भी कलाकार नियमों से ऊपर नहीं हो सकता और फिल्मों के निर्माण में अनुशासन और जवाबदेही जरूरी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं और क्या यह मामला जल्द किसी समझौते तक पहुंच पाता है या नहीं।