महाराष्ट्र के शिरडी में भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई, जहां देश के पहले ‘सूर्यास्त्र’ 300 किलोमीटर मारक क्षमता वाले यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम का औपचारिक रूप से प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NIBE ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया, जिसे स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह नया कॉम्प्लेक्स भविष्य में स्वदेशी तोपों, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन तकनीक के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसी मंच से ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम को भी फ्लैग-ऑफ किया गया, जो लंबी दूरी तक सटीक निशाना साधने में सक्षम बताया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो देश अपने हथियार खुद विकसित करता है, वही अपनी सुरक्षा और भविष्य को मजबूत बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में युद्ध केवल सैनिकों की संख्या पर नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक और ऑटोमेशन पर निर्भर होंगे। उन्होंने वैश्विक संघर्षों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि आधुनिक युद्धों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आर्थिक ताकत और रक्षा क्षमता अब अलग-अलग नहीं रह सकते।
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत में रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जो अब 25 से 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, और सरकार का लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक ले जाना है। उन्होंने इसे ‘नए भारत’ की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन बताया, जहां निजी उद्योग केवल सहायक नहीं बल्कि मुख्य निर्माता की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल रक्षा क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास को भी गति देगी।









