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भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर जोर, जयशंकर-रूबियो वार्ता में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रेस वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और वैश्विक सहयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत की शुरुआत करते हुए बताया कि उनकी और अमेरिकी समकक्ष की द्विपक्षीय चर्चा जारी है और यह वार्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लंच के दौरान भी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि रूबियो की यह पहली भारत यात्रा है, लेकिन पद संभालने के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों जैसे वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और फ्रांस में भी दोनों के बीच कई बार मुलाकात और बातचीत हो चुकी है।

जयशंकर ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने पश्चिम एशिया, इंडो-पैसिफिक, भारतीय उपमहाद्वीप और कैरिबियन जैसे क्षेत्रों में हाल के घटनाक्रमों पर विचार साझा किए हैं। इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और यूक्रेन संकट जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को अमेरिका का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी पारंपरिक गठबंधनों से अलग है, क्योंकि इसमें दोनों देशों के हित गहराई से जुड़े हुए हैं और वे मिलकर वैश्विक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करते हैं। रूबियो ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, और यही साझा लोकतांत्रिक मूल्य दोनों देशों के रिश्तों की नींव हैं। उनके अनुसार, दोनों देशों की नीतियां और हित स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के पूरक हैं, जिससे यह साझेदारी और अधिक मजबूत और प्रभावशाली बनती है।