Punjab

पंजाब: 13 लाख रिश्वत केस में डीजीपी रीडर की नई दलील, सीबीआई ने बताया बचने का बहाना

पंजाब विजिलेंस के डीजीपी के रीडर ओपी राणा ने 13 लाख रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए नई कहानी पेश की है। सीबीआई की विशेष अदालत में राणा की ओर से कहा गया कि वह रिश्वत लेने के लिए सेक्टर-35 स्थित जेडब्ल्यू मैरियट होटल नहीं गए थे। उनके वकील ने दावा किया कि 11 मई की शाम राणा सेक्टर-34 के एक फैशन मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। इसके बाद वह सेक्टर-35 की फूल मार्केट गए, जहां एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में उनकी मौजूदगी दिखाई देने की बात कही गई है। बाद में वह सेक्टर-7 में एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गए थे। बचाव पक्ष ने अदालत में खरीदारी के बिल भी पेश किए और संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

हालांकि, सीबीआई ने राणा की इन दलीलों का कड़ा विरोध किया। एजेंसी के वकील नरेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि राणा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए यह कहानी बनाई है। पेश किए गए बिलों में राणा का नाम तक नहीं है। सीबीआई ने कहा कि जिन स्थानों का जिक्र किया जा रहा है, वे सभी जेडब्ल्यू मैरियट होटल के आसपास ही स्थित हैं, जहां रिश्वत लेने के लिए ट्रैप लगाया गया था। एजेंसी का कहना है कि राणा मौके पर पहुंचे जरूर थे, लेकिन भनक लगने पर फरार हो गए।

सीबीआई ने यह भी सवाल उठाया कि यदि राणा निर्दोष थे तो जब एजेंसी उनके घर पहुंची और परिवार के जरिए उन्हें बुलाया गया, तब वह जांच में शामिल क्यों नहीं हुए। फिलहाल राणा फरार हैं और विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। मामले में आरोप है कि ओपी राणा, राघव गोयल और विकास गोयल ने स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार को झूठी शिकायत का डर दिखाकर 13 लाख रुपये और महंगा मोबाइल मांगकर रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने ट्रैप बिछाया था।