भोपाल में हुई त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गंभीर हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेज दी है। राज्य सरकार द्वारा सीबीआई को सहमति पत्र भी भेजा गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
मामले में मुख्य आरोप मृतका के पति समर्थ सिंह पर लगे हैं, जो पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के पुत्र हैं। त्विषा के परिवार ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया। दूसरी ओर समर्थ सिंह और उनकी मां ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि त्विषा मानसिक रूप से अस्थिर थीं और नशीले पदार्थों का सेवन करती थीं।
इसी बीच, समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेन्द्र सिंह ने समर्थ का पक्ष रखा। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने दोपहर ढाई बजे तक का समय दिया।
पुलिस के अनुसार, अपराध दर्ज होने के बाद से समर्थ सिंह फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई है। इससे पहले भोपाल की निचली अदालत उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
गौरतलब है कि 31 वर्षीय त्विषा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में वैवाहिक वेबसाइट के जरिए तय रिश्ते के बाद समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही वह भोपाल स्थित घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। उस समय वह गर्भवती भी थीं।









