देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पेपर लीक मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में दावा किया गया है कि परीक्षा में पूछे गए केमिस्ट्री के सभी प्रश्न एक कथित “गैस पेपर” से पूरी तरह मेल खाते हैं। यह खुलासा सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि पेपर लीक किसी अंदरूनी स्रोत से हुआ हो सकता है।
यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद राजस्थान के सीकर निवासी एक व्यक्ति ने NTA को ईमेल भेजकर पेपर लीक होने की जानकारी दी थी। उसने कथित लीक पेपर की पीडीएफ भी साझा की। जब NTA ने उस दस्तावेज़ की तुलना असली प्रश्नपत्र से की, तो पाया गया कि केमिस्ट्री सेक्शन के सभी प्रश्न उसी पीडीएफ में मौजूद थे। इसके अलावा, बायोलॉजी के कई सवाल भी मेल खाते पाए गए। इस गंभीर अनियमितता के बाद NTA ने मामले की जांच तेज कर दी और परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। साथ ही, पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI को सौंप दी गई। अब तक इस केस में कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।
जांच के दौरान NTA ने 26 से 27 संदिग्ध लोगों की सूची CBI को सौंपी है। इसमें 24 ट्रांसलेटर्स और 3 पेपर सेटर्स के नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि पेपर तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। गौरतलब है कि NEET परीक्षा देशभर में कई भाषाओं में आयोजित की जाती है। प्रश्नपत्र का अनुवाद अंग्रेजी से अन्य भाषाओं में और फिर वापस अंग्रेजी में किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि न रहे। इसी प्रक्रिया में ट्रांसलेटर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिस पर अब जांच एजेंसियों की खास नजर है।









