कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (प्रवर्तन निदेशालय) ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। एजेंसी को आशंका है कि वह देश छोड़ने की कोशिश कर सकते हैं। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है, जो ‘सोना पप्पू’ सिंडिकेट से जुड़ा बताया जा रहा है। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
इससे पहले ईडी ने बिस्वास के गोलपार्क स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के बालीगंज क्षेत्र में सक्रिय कथित सिंडिकेट से जुड़े मामलों में हुई थी। जांच एजेंसी इस नेटवर्क के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन और धोखाधड़ी के आरोपों की पड़ताल कर रही है।
‘सोना पप्पू’ उर्फ एक रियल एस्टेट कारोबारी पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें जबरन वसूली, हिंसा और हथियार कानून के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल हैं। आरोप है कि उसने फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से बड़ी रकम वसूली, लेकिन न तो उन्हें संपत्ति मिली और न ही पैसा वापस किया गया। ईडी इस पूरे मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत कर रही है।
फरवरी में कंकुलिया रोड इलाके में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प भी इसी विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें बमबाजी और फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, बिस्वास का नाम पहले रेत तस्करी से जुड़े एक अन्य मामले में भी सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि वह ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं, जिससे इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।









