मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और शहरी विस्तार को एकीकृत ढांचे में आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के पास स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक संगठित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए लॉजिस्टिक्स, परिवहन और उद्योगों की बाजार तक पहुंच को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान एक शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर की संरचना, संभावनाओं और क्षेत्रीय विकास पर इसके प्रभावों को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
परियोजना के तहत लगभग 20.28 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जाएगा, जो करीब 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा। इसकी कुल अनुमानित लागत 2360 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर बफर ज़ोन का प्रावधान किया गया है, जिससे यह भविष्य की जरूरतों के अनुसार विस्तार योग्य बन सकेगा। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा, जिससे औद्योगिक परिवहन तेज और सुगम होगा। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण, निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देने की क्षमता रखती है।









