हरियाणा की सियासत में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। 2024 विधानसभा चुनाव से पहले टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे। अब उनकी वापसी को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस में रहते हुए नापा भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के सक्रिय नेताओं में गिने जाते थे। हालांकि, हालिया बातचीत और राजनीतिक समीकरणों के चलते उन्होंने फिर से बीजेपी में लौटने का फैसला लिया। उनकी ‘घर वापसी’ को पार्टी संगठन के लिए एक अहम संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
लक्ष्मण नापा की वापसी से खासकर हिसार और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है, जहां उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। इससे आगामी चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। अगर उनके राजनीतिक सफर की बात करें, तो नापा पहली बार 2019 में रतिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जरनैल सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में 1216 वोटों से हराया था। उन्हें 55,160 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी को 53,944 वोट प्राप्त हुए थे। फिलहाल, उनकी बीजेपी में वापसी के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे आने वाले चुनावों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।









