करीब 40 दिनों तक बंद रहने के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य, अब फिर से पूरी तरह खोल दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सभी वाणिज्यिक जहाज अब सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजर सकेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
ईरान ने यह कदम लेबनान में लागू हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद उठाया है। हाल ही में इजरायल और लेबनान के बीच सीमित अवधि के संघर्षविराम पर सहमति बनी है, जिसने क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीदें बढ़ाई हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह सीजफायर कायम रहता है, तब तक समुद्री आवाजाही सामान्य बनी रहेगी।
इस घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, इसलिए इसके खुलने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ा है। खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई देशों को राहत मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और बहुपक्षीय वार्ताओं ने ईरान को यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह पहल लंबे समय तक शांति और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ पाएगी।









