Rahul Gandhi से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। Allahabad High Court की लखनऊ पीठ ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, जिसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसे कर्नाटक के एक याचिकाकर्ता ने दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता हो सकती है, जो भारतीय कानून के तहत गंभीर विषय है। याचिका में भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत जांच की मांग की गई थी।
इससे पहले लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत ने इस शिकायत को खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि नागरिकता से जुड़े मामलों पर निर्णय लेना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाई कोर्ट ने अब उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच स्वयं करे या किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपे। अदालत ने स्पष्ट किया कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस आदेश के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले समय में जांच की दिशा और निष्कर्ष इस पूरे विवाद की गंभीरता को और स्पष्ट करेंगे।









