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2029 से लागू होगा महिला आरक्षण, सीटें बढ़ाकर 850 करने की तैयारी

महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन अब इसे लागू करने की दिशा में सरकार नया संशोधित बिल लाने जा रही है। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है।

नए प्रस्ताव के अनुसार लोकसभा की कुल सीटों में बड़ा बदलाव किया जाएगा। वर्तमान में 543 सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना है, जिनमें 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 15 वर्षों तक लागू रहेगा, यानी 2029 से 2039 तक तीन आम चुनावों में इसका प्रभाव दिखेगा। साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। आरक्षित सीटों का निर्धारण रोटेशन प्रणाली के आधार पर होगा।

इस प्रक्रिया के साथ परिसीमन आयोग के गठन का भी प्रावधान है, जो नई जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्गठन करेगा। फिलहाल सीटों का निर्धारण 1971 की जनगणना पर आधारित है, जिसे बदलने के लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक होगा। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। बिल पारित होने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें देगा, जिन पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इसके बाद अधिसूचना जारी कर 2029 के लोकसभा चुनाव से इस व्यवस्था को लागू करने की योजना है।