मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा राष्ट्रगीत गाने से इनकार के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है और राज्य की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने “दोहरे चरित्र” से बाहर नहीं निकल पा रही है और इस तरह की घटनाएं उसी का परिणाम हैं।
सीएम यादव ने कांग्रेस पार्षदों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम जैसे मंच पर ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार करना देशभक्ति की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से जीतू पटवारी और राहुल गांधी से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से भी परहेज करते हैं, जो देश की भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम को लेकर विवाद खड़ा करती रही है और आज भी उसकी सोच में बदलाव नहीं आया है।
वहीं, इस विवाद ने अब उग्र रूप भी ले लिया है। इंदौर में एक संगठन से जुड़े व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट कर कांग्रेस पार्षद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और इनाम की घोषणा की गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। कुल मिलाकर, वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सामाजिक तनाव का कारण बन गया है, जिस पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है।









