देशभर में लोगों की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताज़ा फैसले पर टिकी थीं, खासकर उन लोगों की जो घर खरीदने की योजना बना रहे हैं या पहले से होम लोन चुका रहे हैं। मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि ब्याज दरें फिलहाल उसी स्तर पर बनी रहेंगी।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंक RBI से उधार लेते हैं। जब इसमें कटौती होती है तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वे ग्राहकों को भी कम ब्याज पर लोन देने लगते हैं। हालांकि इस बार ऐसा नहीं हुआ, जिससे होम लोन लेने वालों को तुरंत राहत नहीं मिली। अगर पिछले साल 2025 की बात करें तो RBI ने कई बार रेपो रेट घटाया था, जिससे होम लोन सस्ते हुए और लोगों की EMI कम हुई। यही वजह है कि इस बार भी कटौती की उम्मीद थी, लेकिन फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है।
जिन लोगों ने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है, उनकी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी न किस्त बढ़ेगी और न ही घटेगी। वहीं, जो लोग नया घर खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय संतुलित कहा जा सकता है—ब्याज दरें ज्यादा ऊंची नहीं हैं, लेकिन सस्ती भी नहीं हुई हैं। RBI फिलहाल महंगाई और आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपना रहा है। आगे क्या फैसला होगा, यह पूरी तरह आने वाले आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगा।









