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सरकारी ठेकों में SC/ST-OBC उद्यमियों की हिस्सेदारी पर राहुल गांधी का गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में सार्वजनिक निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर ठेकों में दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) उद्यमियों की हिस्सेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस बात का कोई ठोस डेटा नहीं है कि इन वर्गों के कितने व्यवसायों को ठेके मिले। राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि उन्होंने पिछले साल 16,500 करोड़ रुपये से अधिक के सार्वजनिक निर्माण ठेकों में SC/ST और OBC उद्यमियों की भागीदारी का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। लोकसभा में दिए गए अतारांकित प्रश्न संख्या 6264 में उन्होंने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से पूछा कि पिछले पांच वर्षों में कितने ठेके दिए गए, कुल मूल्य कितना था, और इनमें से कितने ठेके SC/ST और OBC स्वामित्व वाले व्यवसायों को मिले।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने जवाब दिया कि कुल ठेकों का डेटा उपलब्ध है, लेकिन SC/ST और OBC उद्यमियों को दिए गए ठेकों की अलग ट्रैकिंग नहीं होती। निर्माण ठेकों के लिए यह ट्रैकिंग अनिवार्य नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी नीति के अनुसार कम से कम 25% सार्वजनिक खरीद लघु और मध्यम उद्यमों से होनी चाहिए, जिसमें SC/ST उद्यमियों के लिए 4% आरक्षित है। लेकिन बड़े और लाभदायक ठेकों में यह प्रावधान लागू नहीं होता। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय को कमजोर करने वाला सिस्टम बताया। संसदीय आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में 8,402 केंद्रीय निर्माण ठेके दिए गए, जिनकी कुल कीमत 16,587 करोड़ रुपये रही।