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1 अप्रैल से टैक्स और डिजिटल पेमेंट नियमों में बड़ा बदलाव, बढ़ेगी पारदर्शिता और सुरक्षा

भारत में 1 अप्रैल 2026 से टैक्स प्रणाली और डिजिटल भुगतान नियमों में अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। नया इनकम टैक्स ढांचा 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा, जिससे खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए कई प्रक्रियाएं बदल जाएंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पारंपरिक Form-16 की जगह Form-130 लागू किया जाएगा। यह नया टीडीएस सर्टिफिकेट अधिक विस्तृत होगा, जिसमें आय, कटौतियों और टैक्स देनदारी की पूरी जानकारी एक ही दस्तावेज में उपलब्ध रहेगी। इससे पहले Form-16 और आयकर रिटर्न के बीच अंतर के कारण नोटिस की समस्या सामने आती थी, जिसे कम करने का प्रयास किया गया है।

इसके साथ ही डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। Reserve Bank of India के निर्देशों के अनुसार, अब हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा। केवल OTP के आधार पर भुगतान संभव नहीं होगा, बल्कि यूजर्स को दो स्तरों पर पहचान सत्यापन करना होगा, जैसे OTP के साथ PIN, बायोमेट्रिक या पासवर्ड। इन बदलावों का उद्देश्य बढ़ते साइबर फ्रॉड, जैसे फिशिंग और सिम स्वैप, पर रोक लगाना है। RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि अक्टूबर 2026 तक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर भी 2FA लागू कर दिया जाएगा। ये नए नियम टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।