पंजाब में कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) और गुरु अंगद देव वेटरनरी साइंसेज यूनिवर्सिटी में आयोजित वार्षिक किसान मेले और पशु मेले का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री भगवंत मान और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऐलान किया कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जहां खेती को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाएगा। उनका कहना था कि खेती अब केवल जीविका का जरिया नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लाभप्रद व्यवसाय बन सकती है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उनका सहयोग करेगी और उन्हें नई तकनीक अपनाने में मदद करेगी।
सीएम ने PAU के वैज्ञानिकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसानों को केवल प्रयोगशालाओं में प्रयोग का हिस्सा न बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें पर्याप्त संसाधन और बजट दे रही है, इसलिए उनका मुख्य लक्ष्य किसानों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना होना चाहिए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सतवीर गोसल ने धान की नई किस्म लॉन्च करने की जानकारी दी, जो किसानों को बेहतर पैदावार देने में मदद करेगी। साथ ही, सीएम ने बताया कि जापान की ‘जायका’ कंपनी के सहयोग से बागवानी क्षेत्र को वर्तमान 6% से बढ़ाकर 15% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल के जरिए पंजाब खेती में तकनीकी नवाचार, वैज्ञानिक समाधान और आय वृद्धि को जोड़कर किसानों के लिए एक नई दिशा खोल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के इस कदम से भारत में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है और पंजाब को स्मार्ट एग्रीकल्चर का पायलट मॉडल बनाने में मदद मिलेगी।









