कर्मचारियों के बीच नए लेबर कोड को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की व्यवस्था बदल जाएगी। इस पर श्रम और रोजगार मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया कि फिलहाल EPFO स्कीम में कोई खास बदलाव नहीं होगा और मौजूदा सिस्टम पहले की तरह जारी रहेगा।
राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPF जमा पर मिलने वाला ब्याज Employees’ Provident Funds Scheme, 1952 के नियमों के अनुसार तय होता है। ब्याज दर तय करते समय EPFO की वित्तीय स्थिति और निवेश से होने वाली आय को ध्यान में रखा जाता है।
नए Social Security Code, 2020 के लागू होने के बाद भी EPFO स्कीम लगभग एक साल तक पहले जैसी ही बनी रहेगी। इस कोड के तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा और गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स तथा अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों को भी कुछ लाभ मिलेंगे।
कोड में EPF, पेंशन, ग्रेच्युटी और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाओं को आसान और एकीकृत किया गया है। केंद्र सरकार के पास स्कीम बनाने का अधिकार बना रहेगा और फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी प्रोराटा आधार पर ग्रेच्युटी मिल सकेगी। कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि नए कोड लागू होने के बाद भी EPF सिस्टम तुरंत नहीं बदलेगा और बदलाव धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे, जिससे मौजूदा सब्सक्राइबर्स के फायदे सुरक्षित रहेंगे।









