ईरान और इजरायल के बीच युद्ध का आज तीसरा दिन है, जिसमें दोनों पक्ष लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और एयरफोर्स कमांडर के घर को निशाना बनाया। IRGC ने इसे ‘ऑपरेशनल ट्रुथ प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया और नेतन्याहू को ‘क्रिमिनल प्राइम मिनिस्टर’ करार दिया।
IRGC ईरान की विशेष फोर्स है, जिसे 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद बनाया गया था। खामेनेई के हत्यारोप और इजरायल के हमलों के बाद IRGC की सक्रियता बढ़ गई है और यह अब अपनी रणनीतियां स्वतंत्र रूप से तय कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने माना कि ओमान पर हमला उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से हुई थी। पहले ही दिन, इजरायल ने अली खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाया और बाद में ईरान ने बदले में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले किए। इजरायल का दावा है कि इन हमलों में खामेनेई समेत 40 शीर्ष कमांडर मारे गए हैं, जबकि ईरान ने प्रतिशोध का सिलसिला जारी रखा है।









