भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव है। हर राज्य की अपनी अलग शैली है, लेकिन जब बात ईरानी चाय की होती है, तो इसका स्वाद और बनावट एकदम अलग महसूस होती है। गाढ़ा, मलाईदार और हल्की मिठास वाली ईरानी चाय खासतौर पर हैदराबाद के पुराने ईरानी कैफे में अपनी पारंपरिक विधि के साथ परोसी जाती है।
ईरानी चाय न तो बहुत कड़क होती है और न ही बेहद फीकी। इसमें चायपत्ती की कड़वाहट और मिठास का ऐसा संतुलन है, जो हर घूंट में सुकून देता है। इसकी शुरुआत भारत में ईरानी और पारसी समुदाय के लोगों ने की थी। इस चाय को सीधे पानी में उबालकर नहीं बनाया जाता, बल्कि चायपत्ती का गाढ़ा काढ़ा और दूध को धीरे-धीरे गाढ़ा करके तैयार किया जाता है।
सामग्री (23 कप के लिए):
फुल क्रीम दूध: 2 कप
पानी: 1½ कप
चाय पत्ती: 2 बड़े चम्मच
चीनी: 3-4 बड़े चम्मच
हरी इलायची (वैकल्पिक): 2-3
कंडेंस्ड मिल्क: 1 बड़ा चम्मच
विधि:
पानी उबालें, उसमें चाय पत्ती और कुचली इलायची डालें। धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं और छान लें।
दूसरे पैन में दूध धीमी आंच पर 8-10 मिनट पकाएं। बीच-बीच में चलाएं, फिर चीनी और कंडेंस्ड मिल्क मिलाएं।
कप में ¼ कप चाय का काढ़ा डालें, ऊपर से गाढ़ा दूध डालें, हल्का मिलाएं और तुरंत सर्व करें। बिस्किट या बन-मक्खन के साथ एंजॉय करें।









