दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार एक नई पहल पर काम कर रही है, जिसके तहत बेहद कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इन बसों का उद्देश्य शहर की तंग कॉलोनियों, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक परिवहन सेवा को मजबूत करना है। नई योजना के तहत 7 मीटर लंबी छोटी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जो पहले से चल रही बड़ी साइज की इलेक्ट्रिक बसों की तुलना में ज्यादा आसान संचालन क्षमता प्रदान करेंगी।
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 500 मिनी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य मेट्रो स्टेशनों से फीडर सेवा को मजबूत करना और अंतिम छोर तक यात्रा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जाएगा ताकि मौजूदा परिवहन नेटवर्क पर दबाव न पड़े।
इन बसों को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा। लो-फ्लोर एंट्री, एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी सुरक्षा, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और रियल टाइम यात्री जानकारी जैसी सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगी। खास तौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग यात्रियों के लिए इन बसों में चढ़ना और उतरना ज्यादा आसान होगा।
फिलहाल राजधानी में हजारों सरकारी बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। सरकार आने वाले वर्षों में बसों के बेड़े को और बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है ताकि 2028 तक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जा सके। यह पहल प्रदूषण कम करने और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









