National

शंकराचार्य पर आरोपों के बीच कानूनी लड़ाई तेज, हाईकोर्ट पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपों के बीच उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उनके वकीलों की टीम द्वारा दायर इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। मामला अब कानूनी और सार्वजनिक बहस दोनों का विषय बन गया है।

यह पूरा विवाद प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। यह कार्रवाई एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के निर्देश पर की गई। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और कुछ अज्ञात लोगों के नाम शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

दूसरी ओर, शंकराचार्य ने आरोपों को साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस जानबूझकर उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा की एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ षड्यंत्र 18 जनवरी की घटना के बाद शुरू हुआ।

शंकराचार्य का कहना है कि पॉक्सो जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई का प्रावधान होने के बावजूद पुलिस ने सीधे मुकदमा दर्ज करने के बजाय अदालत का सहारा लिया। उन्होंने अधिकारियों को मेल भेजकर शिकायत करने की बात भी कही, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। इस मामले में अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जो आगे की दिशा तय करेगी।