योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज नया भारत वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से स्थापित कर रहा है। उन्होंने भारत की प्राचीन विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि अब Uttar Pradesh दंगों और अशांति वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि विकास और शांति का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को यूपी जमीन पर लागू कर रहा है।
सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन का उदाहरण देते हुए कहा कि Kashi Vishwanath Temple भारत की शाश्वत चेतना का प्रतीक है, जबकि Mathura Vrindavan भारतीय भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का भी जिक्र किया, जहां लाखों श्रद्धालुओं की एकता को भारत की सांस्कृतिक समरसता का उदाहरण बताया। योगी ने संस्कृत श्लोक “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा पूरी दुनिया को एक परिवार मानती है।
उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और जल्द ही वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। सीएम ने कहा कि पिछले वर्षों में यूपी में पर्यटन क्षेत्र में भी भारी वृद्धि हुई है, जहां काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और अन्य धार्मिक स्थलों पर करोड़ों पर्यटक आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष लगभग 156 करोड़ पर्यटकों ने यूपी के धार्मिक स्थलों का दौरा किया, जो राज्य के विकास और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। सीएम योगी ने कहा कि नया भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी सांस्कृतिक और सामरिक पहचान भी मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और विकास की भावना ही देश को आगे ले जाएगी और भारत दुनिया के लिए वैश्विक सहयोग और शांति का उदाहरण बना रहेगा।









