हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़ और औद्योगिक हब बद्दी को जोड़ने वाला नया ग्रीन कॉरिडोर फोरलेन बनने जा रहा है। यह परियोजना राज्य का पांचवां प्रमुख कॉरिडोर होगा और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ की यातायात प्रणाली को पूरी तरह बदलने का काम करेगी।
एनएचएआई ने बताया है कि इस फोरलेन सड़क के निर्माण से न केवल यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि सड़क हादसों में भी कमी आने की संभावना है। चंडीगढ़-बद्दी मार्ग औद्योगिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और रोजाना यहां भारी संख्या में मालवाहक और यात्री वाहन चलते हैं। ग्रीन कॉरिडोर के बनने से औद्योगिक गतिविधियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और लोगों का यात्रा समय भी घटेगा।
परियोजना को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया जाएगा। फोरलेन के दोनों ओर हरित पट्टी बनाई जाएगी, जिससे प्रदूषण नियंत्रित रहे। इसके अलावा सड़क के साथ आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, वर्षा जल संचयन और आधुनिक सुरक्षा उपायों की व्यवस्था की जाएगी। सर्विस रोड, सुरक्षित कट और संकेतक भी सड़क निर्माण में शामिल होंगे। एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू कर दिया है। DPR तैयार होते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी तेज कर दी जाएगी।
प्रदेश सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर औद्योगिक विकास और यातायात सुविधा दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। इससे उद्योगों को माल ढुलाई में आसानी होगी और आम लोगों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इस फोरलेन परियोजना के पूरा होने के बाद चंडीगढ़ से बद्दी का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।









