National

भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील से पाकिस्तान की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर खतरा, नौकरियां प्रभावित

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है, जबकि पाकिस्तान में इसके कारण चिंता बढ़ गई है। इस डील से पाकिस्तान को मिलने वाले जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस प्लस (GSP+) लाभ पर असर पड़ सकता है। GSP+ के तहत पाकिस्तान को लगभग दो-तिहाई उत्पादों पर यूरोपीय मार्केट में टैरिफ फ्री और कोटा फ्री एक्सपोर्ट की सुविधा मिलती थी। अब इस डील के बाद पाकिस्तान का निर्यात महंगा हो सकता है, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा।

विशेष रूप से पाकिस्तान की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। यह सेक्टर देश के कुल निर्यात का 60% हिस्सा तैयार करता है और यूरोप एवं ब्रिटेन सबसे बड़े ग्राहक हैं। पाकिस्तान के पूर्व वाणिज्य मंत्री डॉ. गोहर एजाज ने चेतावनी दी है कि भारत-ईयू समझौते के साथ ही भारत, बांग्लादेश और वियतनाम यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन गए हैं। इसके कारण पाकिस्तान के 9 अरब डॉलर के निर्यात और करीब 1 करोड़ नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कामरान अरशद ने कहा कि भारत की नई प्रतिस्पर्धा ने स्थिति पूरी तरह बदल दी है, जिससे पाकिस्तान को अब अपने निर्यात लाभ और रोजगार बचाने के लिए तुरंत रणनीति बनानी होगी।