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भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन थाईलैंड पहुंचा

भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन 25 जनवरी 2026 को थाईलैंड के फुकेट डीप सी पोर्ट पहुंचा, जहां Royal Thai Navy ने INS Tir, INS Shardul, INS Sujata और तटरक्षक पोत ICGS Sarathi का पारंपरिक सैन्य सम्मान और संगीत के साथ भव्य स्वागत किया।  यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वर्ष 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे इस तैनाती का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। बंदरगाह प्रवास के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच वरिष्ठ स्तर की वार्ताएं, पेशेवर आदान-प्रदान, संयुक्त योग अभ्यास, खेल प्रतियोगिताएं और समुद्र में पासेक्स अभ्यास आयोजित किए गए।

इससे पहले स्क्वाड्रन 23 जनवरी को इंडोनेशिया के बेलावान बंदरगाह पहुंचा था, जहां भारतीय अधिकारियों और प्रशिक्षुओं ने इंडोनेशियाई नौसेना के साथ प्रशिक्षण गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। भारतीय नौसेना की यह तैनाती भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण मानी जा रही है। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित थाईलैंड और इंडोनेशिया में भारतीय जहाजों की मौजूदगी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सहयोग और संतुलन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान केवल प्रशिक्षण यात्रा नहीं, बल्कि यह संकेत है कि भारत अब हिंद महासागर क्षेत्र में एक सक्रिय और जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत कर रहा है।