हरियाणा सरकार ने उद्योगों और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और नीतिगत फैसलों के लिए 20 सदस्यीय उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद का गठन किया है। परिषद की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे, जबकि श्रम मंत्री अनिल विज भी इसके प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं। हरियाणा श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने परिषद के गठन की अधिसूचना जारी की। परिषद में वित्त, योजना, गृह, ऊर्जा, उद्योग व वाणिज्य, विकास व पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिवों के साथ श्रम आयुक्त, ईएसआई निदेशक और अतिरिक्त श्रम आयुक्त भी शामिल हैं।
परिषद आगामी वित्त वर्ष में न्यूनतम मजदूरी की दरों का पुनरीक्षण, पांच नए श्रम न्यायालयों का गठन, ईएसआई अस्पताल और डिस्पेंसरी स्थापना, गिग वर्कर्स के बीमा और पोर्टल की निगरानी जैसे अहम फैसले करेगी। परिषद के गैर पदेन सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। इसके अलावा, पांच एकड़ तक के उद्योगों के कारखाना नक्शा और लाइसेंस आवेदनों पर निर्णय और दस एकड़ तक के कारखाना लाइसेंस के नवीनीकरण की शक्तियां अतिरिक्त उपायुक्तों को देने की प्रक्रिया में भी परिषद भूमिका निभाएगी।









