भारत और ओमान के बीच बृहस्पतिवार को हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) में घरेलू किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी गई। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि डेयरी एवं कृषि उत्पाद, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू, सोना-चांदी के आभूषण, जूते-चप्पल, खेल सामग्री और कई मूल धातुओं के स्क्रैप जैसे संवेदनशील उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि जिन उत्पादों में ओमान की निर्यात रुचि है और जो भारत के लिए संवेदनशील हैं, वहां अधिकांश मामलों में शुल्क-दर कोटा (TRQ) आधारित उदारीकरण की व्यवस्था की गई है।
इस व्यवस्था के तहत तय कोटा तक आयात पर कम या शून्य शुल्क लगेगा, जबकि कोटा से अधिक आयात पर सामान्य शुल्क लागू होगा। TRQ श्रेणी में खजूर, संगमरमर और पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं। विशेष रूप से, ओमान ने भारतीय कंपनियों को संगमरमर के ब्लॉक आयात की अनुमति दी है, जबकि यह खाड़ी देशों में सामान्यत: प्रतिबंधित वस्तु है। खजूर के लिए सालाना 2,000 टन का शुल्क-मुक्त कोटा भी तय किया गया है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि यह कदम घरेलू उत्पादकों और MSME पर प्रतिकूल प्रभाव रोकने और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।









