विदेश मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि अगले छह महीने से एक साल के भीतर देश के सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) स्थापित कर दिए जाएंगे। वर्तमान में देश के 511 क्षेत्रों में PSK मौजूद हैं और केवल 32 क्षेत्रों में केंद्र खुलना बाकी हैं। नए केंद्र खुलने के बाद देश के किसी भी नागरिक को पासपोर्ट बनवाने के लिए अपने जिले से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मई 2025 से सभी नए पासपोर्ट केवल ई-पासपोर्ट (e-Passport) के रूप में जारी किए जाएंगे। पुराने पासपोर्ट अपनी वैधता तक पूरी तरह मान्य रहेंगे। ई-पासपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक चिप होती है, जिसमें बायोमेट्रिक जानकारी सुरक्षित रहती है। यह पासपोर्ट ज्यादा सुरक्षित, टैंपर-प्रूफ और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। अब तक भारत में करीब 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं, जबकि विदेशों में भारतीय मिशनों ने 62 हजार ई-पासपोर्ट जारी किए हैं। प्रतिदिन लगभग 50 हजार ई-पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने हाल ही में ग्लोबल पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 लॉन्च किया है। अब दुनिया भर में 202 भारतीय मिशन इस नए प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट सेवा तेजी से और आसानी से मिल रही है।
विदेश मंत्री के विजन के तहत पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। अगले एक साल में जब हर लोकसभा क्षेत्र में PSK स्थापित हो जाएगा, तब देश के नागरिक आसानी से अपने नजदीकी केंद्र में पासपोर्ट बनवा सकेंगे। यह पहल पासपोर्ट सेवा को लोगों के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।









