दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। सोमवार सुबह भी राजधानी धुंध की मोटी परत में ढकी रही और हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह 6 बजे शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 360 रहा, जो स्वास्थ्य के लिहाज़ से बेहद चिंताजनक स्तर है। पिछले एक महीने से दिल्ली जहरीली हवा में सांस ले रही है और कृत्रिम बारिश का प्रयास भी स्थिति सुधारने में असफल रहा। शहर के 38 प्रदूषण मॉनिटरिंग केंद्रों में से 6 में AQI 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया, जबकि 32 स्टेशन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहे। नरेला का AQI 406, रोहिणी का 404 और वजीरपुर का 401 दर्ज हुआ, जो गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू GRAP-3 प्रतिबंध भी अपेक्षित असर नहीं दिखा पा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदूषण स्तर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों के लिए बेहद हानिकारक है। डॉक्टरों ने ऐसे संवेदनशील लोगों को घर के अंदर रहने और ज़रूरत पड़ने पर N95 मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। दिल्ली की लगातार बिगड़ती हवा आम लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों पर भारी पड़ रही है, और शहर को जल्द समग्र व प्रभावी उपायों की जरूरत है।









