देश में सोने और आभूषणों की खरीदारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। जहां पहले लोग अपने भरोसेमंद सुनार से गहने खरीदते थे, वहीं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डिजिटल खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की उपाध्यक्ष अक्ष कंबोज ने बताया कि अब लोग रोजमर्रा में पहनने योग्य हल्के गहनों की खरीदारी के लिए डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासतौर पर युवा वर्ग, जो तकनीक में दक्ष है, ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुविधाजनक मान रहा है।
ऑनलाइन मंचों पर हॉलमार्क प्रमाणन, ब्रांड की गारंटी और बेहतर सर्विस जैसी सुविधाओं ने ग्राहकों का विश्वास बढ़ाया है। फिक्की-डेलॉयट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब 73% उपभोक्ता किसी भी खरीदारी से पहले ऑनलाइन जानकारी लेना पसंद करते हैं — यहां तक कि आभूषणों के लिए भी।
हालांकि अभी भी 53% ग्राहक अंतिम खरीदारी ऑफलाइन स्टोर से करते हैं, लेकिन यह रुझान तेजी से बदल रहा है। अनुमान है कि भारत का आभूषण बाजार वर्ष 2025 तक 91 अरब डॉलर और 2030 तक 146 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें डिजिटल बिक्री की भूमिका अहम होगी।
अमेजन इंडिया के फैशन और सौंदर्य विभाग के निदेशक सिद्धार्थ भगत ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर कीमती गहनों की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 96% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें सोने, हीरे और लैब-ग्रोउन डायमंड्स के गहने शामिल हैं।
भगत ने कहा, “पहले लोग खास मौकों पर अचानक खरीदारी करते थे, लेकिन अब ग्राहक अधिक जानकारी जुटाकर और विश्वास के साथ निर्णय ले रहे हैं। धनतेरस से पहले कीमती गहनों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।”
तेजी से बदलते इस ट्रेंड से साफ है कि भारत में डिजिटल ज्वैलरी मार्केट अब न केवल लोकप्रिय हो रहा है, बल्कि यह पारंपरिक बाजार की दिशा भी बदल रहा है।









