लेह में शांतिपूर्ण बंद के बाद उत्पन्न हिंसा के कुछ ही दिनों बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप लगाया गया है. उनकी गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हुई है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और केंद्र सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले से ही वांगचुक के पीछे केंद्र सरकार थी और उनकी गिरफ्तारी से किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए था.
गृह मंत्रालय ने लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने अपने भाषण में अरब स्प्रिंग और नेपाल में हुए युवा विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण दिया था. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष किया और कई सरकारी वाहनों व इमारतों को आग के हवाले कर दिया. लेह के इस उपद्रव में चार लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हुए. गिरफ्तारी से पहले वांगचुक के NGO को विदेशी वित्त पोषण से रोक दिया गया था. यह मामला केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने की मांग और उस दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है.









