हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत का मामला तूल पकड़ता नज़र आ रहा है. विमल नेगी की मौत के मामले में CBI जांच की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में कैंडल मार्च निकाली. इस मार्च की अगुवाई भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने की.
बता दें कि नेगी 10 मार्च को लापता हो गए थे. इसके बाद 19 मार्च को उनका शव बिलासपुर में भाखड़ा डैम से बरामद हुआ था. विमल नेगी की मौत के बाद परिवार के लोगों ने दफ़्तर के बाहर ही उनकी पार्थिव देह रखकर प्रदर्शन किया था. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आश्वासन के बाद परिवार ने विमल नेगी का अंतिम संस्कार करवाया था. इस मामले की जांच एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी ओंकार चंद शर्मा कर रहे हैं.
वहीं, हिमाचल प्रदेश के पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विमल नेगी की मौत के मामले में CBI जांच की मांग उठायी है. भारद्वाज ने कहा कि अगर राज्य सरकार ख़ुद को ग़लत नहीं मानती, तो आख़िर क्यों मामले की इंक्वायरी CBI को नहीं सौंपी जा रही. उन्होंने कहा कि CBI पर पूरे देश की जनता को भरोसा है. ऐसे में कांग्रेस नेताओं का यह कहना कि CBI विश्वास खो चुकी है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी सिर्फ़ उन्हीं को गलत लगती है, जो ख़ुद ग़लत साबित होते हैं.









