न्यूज़ फ्लिक्स भारत, हिमाचल। हिमाचल प्रदेश में आयोग्य करार पूर्व विधायकों को अब पेंशन नहीं मिलेगी. हिमाचल प्रदेश विधानसभा में इसको लेकर बुधावार को बिल पारित हो गया. इस विधेयक के पारित होने के बाद, यह राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यदि राज्यपाल से मंजूरी मिल जाती है, तो यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा.
यह विधेयक विधानसभा सदस्यों के भत्ते एवं पेंशन अधिनियम 1971 में संशोधन का प्रस्ताव करता है, जो कि पूर्व विधायकों की पेंशन को बंद करने के लिए है. यह कदम राज्य की राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है.
इस विधेयक के पास होने के बाद कुटलैहड़ के पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो और गगरेट से पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा की पेंशन बंद हो जाएगी. इनके द्वारा अब तक ली गई रकम की भी रिकवरी होगी. बड़सर से विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा, सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर की इस टर्म की पेंशन भी रुक जाएगी. प्रस्तावित बिल के अनुसार, जिन्हें संविधान की 10वीं अनुसूचित के हिसाब से अयोग्य घोषित किया गया है. उनसे 14वीं विधानसभा के कार्यकाल दिसंबर 2022 से फरवरी 2024 की रकम की रिकवरी की जाएगी.
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