Chhattisgarh

सुकमा में 29 नक्सली हुए सरेंडर, केरलापाल एरिया कमेटी नक्सल प्रभाव से मुक्त होने के अंतिम चरण में

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सरकार की सख्त कार्रवाई का असर दिखने लगा है। बुधवार को सुकमा जिले के केरलापाल एरिया कमेटी में Operation ‘Poona Margem’ के तहत 29 माओवादीयों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में गोगुंडा पंचायत के पोड़ियाम बुधरा भी शामिल हैं, जिनके सिर पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, गोगुंडा इलाके में सुरक्षा शिविर की स्थापना ने माओवादियों की गतिविधियों को काफी सीमित किया। लगातार दबाव और अभियान के चलते संगठन से मोहभंग होने के कारण माओवादी सरेंडर करने को मजबूर हुए।

यह क्षेत्र पहले विषम और दुर्गम भूगोल के कारण माओवादियों के लिए सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई से उनका ठिकाना ध्वस्त कर दिया गया है। सरेंडर करने वाले माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं प्राप्त करेंगे। यह कदम नक्सल प्रभाव को कम करने और संगठन को कमजोर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, हाल ही में 9 जनवरी को दंतेवाड़ा जिले में 63 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जबकि साल 2025 में छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।